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Friday, 10 July 2026

July 10, 2026

वाट्सएप ने यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार के नोटिस का जवाब दे दिया

दिल्ली वाट्सएप ने यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार के नोटिस का जवाब दे दिया है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय अब इस जवाब की समीक्षा कर रहा है। सरकार ने फिलहाल इस फीचर के रोलआउट पर रोक लगा रखी है। टेलीग्राम और सिग्नल को भी मिला है नोटिस आईटी सचिव एस कृष्णन ने बताया कि व्हाट्सएप का जवाब मिल गया है। उन्होंने यह भी कहा कि टेलीग्राम और सिग्नल जैसी अन्य मैसेजिंग ऐप्स को भी उनके मौजूदा यूजरनेम फीचर को लेकर नोटिस भेजे गए हैं। उन्हें जवाब देने के लिए अभी थोड़ा और समय मिला है। भारत में व्हाट्सएप के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं, जबकि टेलीग्राम के यूजर्स काफी कम हैं।IT सचिव ने क्या कहा? NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को CII GCC बिजनेस समिट के दौरान IT सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि WhatsApp का जवाब गुरुवार तक मिलने की उम्मीद थी, जो अब मिल चुका है. उन्होंने यह भी बताया कि Telegram और Signal को भेजे गए नोटिस पर अभी उनके जवाब नहीं आए हैं, क्योंकि उन्हें जवाब देने के लिए थोड़ा और समय दिया गया है. सरकार इन सभी जवाबों की समीक्षा करेगी.क्या है WhatsApp का Username Feature? WhatsApp का नया Username Feature यूजर्स को बिना अपना मोबाइल नंबर बताए किए दूसरे लोगों से बातचीत करने की सुविधा देगा. यानी लोग अपने फोन नंबर की जगह यूजरनेम के जरिए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे. हालांकि, WhatsApp ने साफ किया है कि अकाउंट बनाने और इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह जरूरी रहेगा.

Wednesday, 4 March 2026

March 04, 2026

अम्बेडकरनगर तेज रफ्तार दो बाइक की आपस में टक्कर एक व्यक्ति की मौत दूसरा घायल

उत्तर प्रदेश के जिले अम्बेडकरनगर में होली के दिन एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जहां तेज रफ्तार बाइक की आपस में टक्कर होने से एक व्यक्ति की मौत हो गई आपको बताते चले कि मामला अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के सहजादपुर का है जहां तेज रफ्तार बाइक की टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल व्यक्ति को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा आपको बता दें कि पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक व्यक्ति लोहमंडी निवासी नीरज (30 वर्ष) पुत्र हरीलाल पुलिस ने मृतक के परिवार को सूचना दिया हादसे की खबर सुनकर मृतक के परिवार में कोहराम मच गया अम्बेडकरनगर पुलिस ने बताया मृतक व्यक्ति को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है अकबरपुर भेजा गया है साथी घायल व्यक्ति की इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है मौके पर शांति व्यवस्था कायम है हादसे की जांच की जा रही है!

Wednesday, 25 February 2026

February 25, 2026

अम्बेडकरनगर बहुचर्चित मंशाराम हत्याकांड मामले में दोषी करार दिए गए पूर्व ब्लाक प्रमुख अजय प्रताप सिंह

अम्बेडकरनगर बहुचर्चित मंशाराम हत्याकांड मामले में दोषी करार दिए गए पूर्व ब्लाक प्रमुख तथा कटेहरी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी बर्खास्त सिपाही अजय प्रताप सिंह को आज सजा सुनाई जाएगी। न्यायालय की फैसले पर लोगों की निगाहें लगी हुई है। इस मामले में एडीजे प्रथम रामबिलास सिंह ने तीन लोगों को दोषी करार दिया है।यह मामला 24 मार्च 2016 का है, जब महरुआ थाना क्षेत्र के लोकनाथपुर गांव में 30 वर्षीय युवक मंशाराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मंशाराम कथित तौर पर कटेहरी ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह सिपाही के घर आयोजित एक निमंत्रण कार्यक्रम में शामिल होने गए थे।आरोप है कि वहीं उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई और बाद में शव को सुल्तानपुर जिले के जयसिंहपुर थाना क्षेत्र स्थित भेवापार गांव के पास एक माइनर में फेंक दिया गया था। मृतक की बुआ की तहरीर पर पुलिस ने दो युवकों को नामजद करते हुए तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह सिपाही समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।लंबी सुनवाई के बाद अपर जिला न्यायाधीश (एडीजे) प्रथम राम विलास सिंह की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अजय सिंह सिपाही को दोषी पाया। अब इस पूरे मामले में अंतिम सजा पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

February 25, 2026

लखनऊ अमौसी जोन में गिरी गाज लापरवाही पर अधिशासी अभियंता एसडीओ और जेई निलंबित

लखनऊ। राजधानी के चर्चित अमौसी जोन में आखिरकार विभागीय लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई हुई है। लगातार मिल रही शिकायतों और उपभोक्ताओं को समय पर विद्युत कनेक्शन न दिए जाने के गंभीर आरोपों के बाद अधिशासी अभियंता, एसडीओ एवं जेई को निलंबित कर दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, महीनों से नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले उपभोक्ता कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर थे। रजिस्ट्री, आधार कार्ड, अनापत्ति प्रमाण पत्र और शपथ पत्र जैसे सभी आवश्यक दस्तावेज जमा होने के बावजूद फाइलें धूल फांकती रहीं। निर्धारित समय सीमा का खुलेआम उल्लंघन किया गया और जिम्मेदार अधिकारी बैठकें और कागजी औपचारिकताओं में व्यस्त रहे।

बताया जा रहा है कि शिकायतों का अंबार लगने के बाद जब उच्च स्तर पर समीक्षा हुई तो कार्यशैली में गंभीर लापरवाही और जवाबदेही की कमी उजागर हुई। इसके बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

गलत रिपोर्ट से प्रबंधन हुआ नाराज

 इस प्रकरण में अवर अभियंता स्तर की लापरवाही अधिशासी अभियंता को भारी पड़ी 

वहीं पिछले दिनों तीन अवर अभियंताओं का डिस्काउंट चेंज करते हुए गैर जनपद भेजे जाने के प्रकरण से भी इसको जोड़ा जा रहा है 

जिसमें दोषी अवर अभियंता आर के चौधरी की जगह नितिन चौधरी का नाम भेजा गया था 

बाद में पीड़ित अवर अभियंता द्वारा शिकायत करने पर मामले की जांच में खुलासा हुआ

अमौसी जोन, जो राजधानी का अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है, वहां इस प्रकार की उदासीनता ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे थे जिसका मुख्य कारण क्षेत्र में तैनात स्थल रिपोर्ट लगाने वाले कार्मिक एवं अवर अभियंता थे । उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो उन्हें महीनों की परेशानी न झेलनी पड़ती।

 मेहनती इंजीनियरों में गिने जाते है नीरज

वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद से निरंतर सीमित संसाधन एवं सीमित कार्मिकों के द्वारा कलेक्शन का कार्य देख रहे अधिशासी अभियंता नीरज सुबह से 

निरंतर देर रात तक कार्य करते देखे जाते थे 

पिछले दिनों जिम्मेदार पदों पर तैनात बाबू अंजनी श्रीवास्तव कैलाश रोहित यादव कमलेश कुमार का गैर जनपद तबादला किए जाने के बाद से अत्यंत तनाव में रहते हुए व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास कर रहे थे जबकि जनवरी से मार्च के बीच कभी भी जिम्मेदार पदों पर तैनात बाबू के तबादले नहीं किए जाते हैं इससे सरकारी विभागों से राजस्व वसूली अस्थाई संयोजन दैनिक अस्थाई संयोजन सहित तमाम विभागीय कार्य प्रभावित हुए 

मुख्य अभियंता मौन

प्रबंधन द्वारा की गई कार्रवाई पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं गलत रिपोर्ट भेजे जाने पर हस्ताक्षर करने वाले मुख्य अभियंता के दायित्व की जांच क्यों नहीं की गई 

वहीं पूर्व में तैनात रहे मुख्य अभियंता अपने अधीनस्थ अभियंताओं की समस्याओं को प्रबंधन तक पहुंचाते थे 

परंतु एक साथ तमाम बाबू के तबादले से कलेक्शन प्रभाग पूरी तरह बैठ गया था 

एवं अमौसी जोन के मुख्य अभियंता चुप्पी साधे रहे

Sunday, 22 February 2026

February 22, 2026

Ambedkar Nagar ग्राम प्रधान पर विकास कार्य को लेकर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए गबन करने का आरोप लगा

अंबेडकरनगर अकबरपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत खेवार के ग्राम प्रधान पर विकास कार्य को लेकर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए गबन करने का आरोप लगा है। उपरोक्त ग्राम पंचायत निवासी रणजीत सिंह ने जिलाधिकारी के यहां शिकायती पत्र देते हुए बताया महिला प्रधान प्रमिला देवी द्वारा विभिन्न मदो से अनियमित व गलत तरीके से लगभग डेढ़ करोड़ रूपया निकाल कर गबन कर लिया गया है। आरोप है कि वृक्षारोपण नाला सफाई थिरुआ की सफाई ग्राम भूमि सुधार नाली निर्माण मिट्टी पटाई बाउंड्री वॉल हैंडपंप रिबोर नहर के किनारे मिट्टी की पटाई शौचालय तालाब खुदाई कुआं मरम्मत गुलो की सफाई खड़ंजा निर्माण कार्य ह्यूम पाइप चक मार्ग में डबल भुगतान बारात घर काली चौरा ब्लीचिंग ओपन जिम इंटरलॉकिंग कार्य धोबी घाट बेंच व डेस्क की खरीद व्यक्तिगत तालाब की खुदाई आदि का कार्य दिखाकर लगभग डेढ़ करोड़ सरकारी रूपया निकाल कर बंदर बांट कर लिया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा 29 जनवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने तत्काल संज्ञान लेते हुए इस मामले में तीन सदस्यीय टीम गठित कर 15 दिवस के अंदर आख्या प्रेषित करने का निर्देश दिया गठित टीम में क्रीड़ा अधिकारी शीला भट्टाचार्य चंद्र प्रताप सहायक अभियंता पीडब्लूडी तकनीकी व सिंचाई विभाग के एक कर्मचारी गठित टीम में शामिल है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिलाधिकारी द्वारा दिए गए समय अवधि पूर्ण होने के बावजूद भी टीम अभी तक ग्राम पंचायत ख़ेवार में जांच के लिए नहीं पहुंची। इस मामले में क्रीड़ा अधिकारी शीला भट्टाचार्य से बात किया गया तो उन्होंने कहा एस आई आर के कारण समय नहीं मिल पाया जांच टीम को 15 दिन का समय और मिला है फिर भी 23 फरवरी को हमारी टीम जांच के लिए ग्राम पंचायत खेवार में पहुंचेगी।शिकायती पत्र में यह भी बताया गया कि ग्राम पंचायत में दूसरे विभाग द्वारा किए गए कार्यों को ग्राम प्रधान ने ग्राम पंचायत का अपना कार्य दिखाकर धन निकासी कर लिया गया है वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान प्रधान प्रमिला देवी के विकास कार्यों का लेखा-जोखा एक पूर्व के प्रधान रखते हैं।

February 22, 2026

अम्बेडकरनगर बेला परसा रोड पर धड़ल्ले से चल रहे अवैध मेडिकल स्टोर,फर्जी डॉक्टर कर रहे इलाज कार्रवाई की मांग तेज


अम्बेडकर नगर बसखारी थाना क्षेत्र के बेला परसा रोड स्थित सरजुनगर बाज़ार में बिना लाइसेंस और मान्यता प्राप्त डिग्री के एक दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इन मेडिकल स्टोरों पर दवाइयों की बिक्री के साथ-साथ कुछ लोग खुद को डॉक्टर बताकर इंजेक्शन लगाने और इलाज करने का कार्य भी कर रहे हैं, जिससे मरीजों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना वैध लाइसेंस और पंजीकरण के इस प्रकार चिकित्सा सेवाएं देना कानून का खुला उल्लंघन है। ग्रामीणों ने बताया कि मामूली बीमारी से लेकर गंभीर मामलों तक का इलाज इन तथाकथित “फर्जी डॉक्टरों” द्वारा किया जा रहा है, जो कभी भी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता है।

क्षेत्रवासियों ने बसखारी सीएचसी प्रभारी अजय कुमार और संबंधित ड्रग्स इंस्पेक्टर से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि “हर चीज़ पैसा नहीं होता साहब, ज़िंदगी उससे कहीं ज़्यादा कीमती होती है।”

जनहित से जुड़े इस गंभीर विषय पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की सक्रियता अब बेहद आवश्यक मानी जा रही है, ताकि आम जनता की जान से खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

Saturday, 21 February 2026

February 21, 2026

Ambedkar Nagar में डीएम की सख्ती: अवैध अस्पतालों और फर्जी डॉक्टरों पर गिरेगी गाज

अंबेडकरनगर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे अवैध अस्पतालों, फर्जी मेडिकल स्टोर और अवैध जांच डायग्नोस्टिक सेंटरों पर अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। जिलाधिकारी के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत एक सप्ताह के भीतर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित करीब 100 बेड तक के संदिग्ध निजी अस्पतालों की गहन जांच होगी।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना मान्यता, बिना पंजीकरण और मानकों के विपरीत चल रहे अस्पतालों व जांच केंद्रों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। खासकर उन संस्थानों पर सख्त नजर रखी जा रही है, जहां फर्जी डॉक्टरों द्वारा मरीजों का इलाज किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, जनपद के सभी नौ ब्लॉकों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया जाएगा, ताकि कार्रवाई की भनक लगते ही कोई भी संचालक साक्ष्य मिटाने या ताला बंद कर भागने का मौका न पा सके। स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम इस अभियान को अंजाम देगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ केवल सीलिंग या जुर्माना ही नहीं, बल्कि कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। गंभीर मामलों में गुंडा एक्ट जैसी सख्त धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम जनता की जान से खेलने वालों को कड़ा संदेश मिल सके।

प्रशासन की इस सख्ती से अवैध रूप से संचालित मेडिकल कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं आम नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इस अभियान से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेंगी।

जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा प्रशासन का सख्त संदेश