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Saturday, 14 February 2026

February 14, 2026

रूस ने अपने देश में सोशल मीडिया ऐप्स समेत मीडिया वेबसाइट पर लगाया। प्रतिबंध जानिए क्या है पूरा मामला?


टेलीग्राम पर बैन के बाद रूस की पुतिन सरकार ने अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सख्ती शुरू कर दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक WhatsApp, YouTube, Instagram और Facebook जैसे पॉपुलर अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रूस में ब्लॉक कर दिए गए है. बताया जा रहा है कि लोग इन पॉपुलर ऐप्स का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे है. बुधवार को रूस ने पॉपुलर मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को ब्लॉक कर दिया है.

जानकारी के अनुसार, इससे पूर्व रूस में कुछ प्लेटफॉर्म की स्पीड धीमी कर दी जाती थी, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। मौजूदा कदम के तहत ये वेबसाइटें पूरी तरह “गायब” हो गई हैं। जब कोई यूजर इन साइट्स को खोलने की कोशिश करता है तो सिस्टम संबंधित IP एड्रेस खोज नहीं पाता। नतीजतन स्क्रीन पर एरर मैसेज दिखाई देता है कि ऐसा डोमेन मौजूद ही नहीं है।

वॉट्सऐप कॉल‍िंंग फीचर पर पहले से बैन

बता दें कि रूस में पहले से ही वॉट्सऐप की कई सर्विस पर बैन लगा हुआ है। पिछले साल WhatsApp और Telegram की कॉलिंग फीचर पर रोक लगा दी गई थी। इसके अलावा, रूस ने दिसंबर में ऐपल के फेसटाइम और स्नैपचैट को भी देश में बैन कर दिया था।

अमेरिका की बढ़ेगी टेंशन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रूस के संचार विभाग ने WhatsApp को अपनी आधिकारिक डायरेक्टरी से भी हटा दिया है. रूस में WhatsApp के करीब 10 करोड़ यूजर्स हैं. इससे पहले रूस ने अमेरिका की कंपनी एप्पल के FaceTime और अमेरिका का ही ऐप Snapchat को ब्लॉक कर चुका है. रूस का आरोप है कि ये विदेशी कंपनियां जांच एजेंसियों के साथ डेटा शेयर नहीं करती हैं. रूस सरकार एक के बाद एक अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए रूस का दरवाजा बंद कर रही है, इससे न सिर्फ इन कंपनियों को नुकसान होगा बल्कि पुतिन सरकार का यह कदम अमेरिका के लिए भी टेंशन बढ़ाने वाला होगा।

विदेशी सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से रूसी लोगों को दूर करने के लिए रूस ने एक बड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पूरी तरह बैन कर दिए हैं। रूस की पुतिन सरकार ने अमेरिकी कंपनी Meta के पॉपुलर मैसेजिंग और वीडियो प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम के साथ-साथ व्हाट्सएप पर भी रोक लगा दी है। इसके अलावा देश में टेलीग्राम, यूट्यूब और स्नैपचैट भी प्रतिबंधित है।

 मीडिया वेबसाइट्स भी प्रभावित

रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ही नहीं बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की वेबसाइट्स भी प्रभावित हुई हैं। इनमें बीबीसी, डॉउचा वेले, रेडियो फ्री यूरोप रेडियो लिबर्टी जैसी साइट्स शामिल हैं। इसके अलावा गुमनाम ब्राउजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला टॉर ब्राउजर (Tor Browser) भी ब्लॉक कर दिया गया है।

February 14, 2026

उत्तर कोरिया के तानाशाह की बेटी बन सकती है किम जोंग की उत्तराधिकारी।

 उत्तर कोरिया के तानाशह किम जोंग उन अपनी बेटी किम जू ऐ को उत्तराधिकारी के रूप में नामित करने की प्रक्रिया में बहुत आगे बढ़ चुका है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने गुरुवार को संसद की एक बंद कमरे की ब्रीफिंग में इस बात की जानकारी दी है।

क्या है दावे का आधार?

बता दें कि किम जोंग की बेटी किम जू ऐ के बारे में सार्वजनिक तौर पर काफी कम जानकारी उपलब्ध है। हालांकि, उन्हें किम जोंग की बीजिंग यात्रा समेत विभिन्न मौकों पर पिता के साथ में देखा गया है। ये किम जू ऐ की पहली ज्ञात विदेश यात्रा थी।

किम परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी

जू-ऐ के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है। उनके बारे में माना जाता है कि वह 13 साल की हैं। वह नवंबर 2022 में एक मिसाइल टेस्ट में पहली बार पब्लिक में अपने पिता के साथ दिखी थी। इसके बाद से वह लगातार अपने पिता के साथ देखी गई हैं। इसमें हथियारों के टेस्ट और मिलिट्री परेड शामिल हैं।

किम जू को उत्तराधिकारी मानने का तर्क क्या?

NIS ने यह आकलन कई आधारों पर किया है. इसमें उनकी बढ़ती सार्वजनिक मौजूदगी, सैन्य कार्यक्रमों में हिस्सा, कुमसुसन पैलेस दौरा और कुछ नीतियों पर उनकी राय शामिल है. NIS अब बारीकी से देख रही है कि क्या किम जू ए आगामी वर्कर्स पार्टी कांग्रेस में पिता के साथ दिखती हैं, वहां उन्हें कोई आधिकारिक पद मिलता है या नहीं. अगर ऐसा हुआ तो उत्तराधिकार की अटकलें और मजबूत होंगी.

नॉर्थ कोरिया में इस महीने होगी अहम राजनीतिक बैठक

इस महीने होने वाली एक बड़ी राजनीतिक बैठक से पहले जारी तस्वीरों ने भी इस सोच को और पक्का कर दिया था. जनवरी में सरकारी मीडिया ने दिखाया कि जु ऐ अपने पिता के साथ कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन में श्रद्धांजलि देने गई थीं. यहीं नॉर्थ कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग और दूसरे नेता किम जोंग इल के शव रखे गए हैं.

यह चयन नॉर्थ कोरिया के इतिहास में अनोखा है क्योंकि वहां हमेशा पुरुष उत्तराधिकारी चुने जाते रहे हैं. वहीं, लोगों की नजरें अब इस महीने के अंत में होने वाले नॉर्थ कोरिया के पार्टी कांग्रेस पर होंगी क्योंकि ये देखना अहम होगा कि हर पांच साल में आयोजित होने वाले सबसे बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में Kim Ju Ae हिस्सा लेती हैं या नहीं.