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Wednesday, 25 February 2026

लखनऊ अमौसी जोन में गिरी गाज लापरवाही पर अधिशासी अभियंता एसडीओ और जेई निलंबित

लखनऊ। राजधानी के चर्चित अमौसी जोन में आखिरकार विभागीय लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई हुई है। लगातार मिल रही शिकायतों और उपभोक्ताओं को समय पर विद्युत कनेक्शन न दिए जाने के गंभीर आरोपों के बाद अधिशासी अभियंता, एसडीओ एवं जेई को निलंबित कर दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, महीनों से नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले उपभोक्ता कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर थे। रजिस्ट्री, आधार कार्ड, अनापत्ति प्रमाण पत्र और शपथ पत्र जैसे सभी आवश्यक दस्तावेज जमा होने के बावजूद फाइलें धूल फांकती रहीं। निर्धारित समय सीमा का खुलेआम उल्लंघन किया गया और जिम्मेदार अधिकारी बैठकें और कागजी औपचारिकताओं में व्यस्त रहे।

बताया जा रहा है कि शिकायतों का अंबार लगने के बाद जब उच्च स्तर पर समीक्षा हुई तो कार्यशैली में गंभीर लापरवाही और जवाबदेही की कमी उजागर हुई। इसके बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

गलत रिपोर्ट से प्रबंधन हुआ नाराज

 इस प्रकरण में अवर अभियंता स्तर की लापरवाही अधिशासी अभियंता को भारी पड़ी 

वहीं पिछले दिनों तीन अवर अभियंताओं का डिस्काउंट चेंज करते हुए गैर जनपद भेजे जाने के प्रकरण से भी इसको जोड़ा जा रहा है 

जिसमें दोषी अवर अभियंता आर के चौधरी की जगह नितिन चौधरी का नाम भेजा गया था 

बाद में पीड़ित अवर अभियंता द्वारा शिकायत करने पर मामले की जांच में खुलासा हुआ

अमौसी जोन, जो राजधानी का अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है, वहां इस प्रकार की उदासीनता ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे थे जिसका मुख्य कारण क्षेत्र में तैनात स्थल रिपोर्ट लगाने वाले कार्मिक एवं अवर अभियंता थे । उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो उन्हें महीनों की परेशानी न झेलनी पड़ती।

 मेहनती इंजीनियरों में गिने जाते है नीरज

वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद से निरंतर सीमित संसाधन एवं सीमित कार्मिकों के द्वारा कलेक्शन का कार्य देख रहे अधिशासी अभियंता नीरज सुबह से 

निरंतर देर रात तक कार्य करते देखे जाते थे 

पिछले दिनों जिम्मेदार पदों पर तैनात बाबू अंजनी श्रीवास्तव कैलाश रोहित यादव कमलेश कुमार का गैर जनपद तबादला किए जाने के बाद से अत्यंत तनाव में रहते हुए व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास कर रहे थे जबकि जनवरी से मार्च के बीच कभी भी जिम्मेदार पदों पर तैनात बाबू के तबादले नहीं किए जाते हैं इससे सरकारी विभागों से राजस्व वसूली अस्थाई संयोजन दैनिक अस्थाई संयोजन सहित तमाम विभागीय कार्य प्रभावित हुए 

मुख्य अभियंता मौन

प्रबंधन द्वारा की गई कार्रवाई पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं गलत रिपोर्ट भेजे जाने पर हस्ताक्षर करने वाले मुख्य अभियंता के दायित्व की जांच क्यों नहीं की गई 

वहीं पूर्व में तैनात रहे मुख्य अभियंता अपने अधीनस्थ अभियंताओं की समस्याओं को प्रबंधन तक पहुंचाते थे 

परंतु एक साथ तमाम बाबू के तबादले से कलेक्शन प्रभाग पूरी तरह बैठ गया था 

एवं अमौसी जोन के मुख्य अभियंता चुप्पी साधे रहे