प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना मान्यता, बिना पंजीकरण और मानकों के विपरीत चल रहे अस्पतालों व जांच केंद्रों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। खासकर उन संस्थानों पर सख्त नजर रखी जा रही है, जहां फर्जी डॉक्टरों द्वारा मरीजों का इलाज किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, जनपद के सभी नौ ब्लॉकों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया जाएगा, ताकि कार्रवाई की भनक लगते ही कोई भी संचालक साक्ष्य मिटाने या ताला बंद कर भागने का मौका न पा सके। स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम इस अभियान को अंजाम देगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ केवल सीलिंग या जुर्माना ही नहीं, बल्कि कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। गंभीर मामलों में गुंडा एक्ट जैसी सख्त धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम जनता की जान से खेलने वालों को कड़ा संदेश मिल सके।
प्रशासन की इस सख्ती से अवैध रूप से संचालित मेडिकल कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं आम नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इस अभियान से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेंगी।
जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा प्रशासन का सख्त संदेश
