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Sunday, 22 February 2026

February 22, 2026

Ambedkar Nagar ग्राम प्रधान पर विकास कार्य को लेकर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए गबन करने का आरोप लगा

अंबेडकरनगर अकबरपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत खेवार के ग्राम प्रधान पर विकास कार्य को लेकर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए गबन करने का आरोप लगा है। उपरोक्त ग्राम पंचायत निवासी रणजीत सिंह ने जिलाधिकारी के यहां शिकायती पत्र देते हुए बताया महिला प्रधान प्रमिला देवी द्वारा विभिन्न मदो से अनियमित व गलत तरीके से लगभग डेढ़ करोड़ रूपया निकाल कर गबन कर लिया गया है। आरोप है कि वृक्षारोपण नाला सफाई थिरुआ की सफाई ग्राम भूमि सुधार नाली निर्माण मिट्टी पटाई बाउंड्री वॉल हैंडपंप रिबोर नहर के किनारे मिट्टी की पटाई शौचालय तालाब खुदाई कुआं मरम्मत गुलो की सफाई खड़ंजा निर्माण कार्य ह्यूम पाइप चक मार्ग में डबल भुगतान बारात घर काली चौरा ब्लीचिंग ओपन जिम इंटरलॉकिंग कार्य धोबी घाट बेंच व डेस्क की खरीद व्यक्तिगत तालाब की खुदाई आदि का कार्य दिखाकर लगभग डेढ़ करोड़ सरकारी रूपया निकाल कर बंदर बांट कर लिया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा 29 जनवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने तत्काल संज्ञान लेते हुए इस मामले में तीन सदस्यीय टीम गठित कर 15 दिवस के अंदर आख्या प्रेषित करने का निर्देश दिया गठित टीम में क्रीड़ा अधिकारी शीला भट्टाचार्य चंद्र प्रताप सहायक अभियंता पीडब्लूडी तकनीकी व सिंचाई विभाग के एक कर्मचारी गठित टीम में शामिल है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिलाधिकारी द्वारा दिए गए समय अवधि पूर्ण होने के बावजूद भी टीम अभी तक ग्राम पंचायत ख़ेवार में जांच के लिए नहीं पहुंची। इस मामले में क्रीड़ा अधिकारी शीला भट्टाचार्य से बात किया गया तो उन्होंने कहा एस आई आर के कारण समय नहीं मिल पाया जांच टीम को 15 दिन का समय और मिला है फिर भी 23 फरवरी को हमारी टीम जांच के लिए ग्राम पंचायत खेवार में पहुंचेगी।शिकायती पत्र में यह भी बताया गया कि ग्राम पंचायत में दूसरे विभाग द्वारा किए गए कार्यों को ग्राम प्रधान ने ग्राम पंचायत का अपना कार्य दिखाकर धन निकासी कर लिया गया है वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान प्रधान प्रमिला देवी के विकास कार्यों का लेखा-जोखा एक पूर्व के प्रधान रखते हैं।

February 22, 2026

अम्बेडकरनगर बेला परसा रोड पर धड़ल्ले से चल रहे अवैध मेडिकल स्टोर,फर्जी डॉक्टर कर रहे इलाज कार्रवाई की मांग तेज


अम्बेडकर नगर बसखारी थाना क्षेत्र के बेला परसा रोड स्थित सरजुनगर बाज़ार में बिना लाइसेंस और मान्यता प्राप्त डिग्री के एक दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इन मेडिकल स्टोरों पर दवाइयों की बिक्री के साथ-साथ कुछ लोग खुद को डॉक्टर बताकर इंजेक्शन लगाने और इलाज करने का कार्य भी कर रहे हैं, जिससे मरीजों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना वैध लाइसेंस और पंजीकरण के इस प्रकार चिकित्सा सेवाएं देना कानून का खुला उल्लंघन है। ग्रामीणों ने बताया कि मामूली बीमारी से लेकर गंभीर मामलों तक का इलाज इन तथाकथित “फर्जी डॉक्टरों” द्वारा किया जा रहा है, जो कभी भी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता है।

क्षेत्रवासियों ने बसखारी सीएचसी प्रभारी अजय कुमार और संबंधित ड्रग्स इंस्पेक्टर से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि “हर चीज़ पैसा नहीं होता साहब, ज़िंदगी उससे कहीं ज़्यादा कीमती होती है।”

जनहित से जुड़े इस गंभीर विषय पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की सक्रियता अब बेहद आवश्यक मानी जा रही है, ताकि आम जनता की जान से खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

Saturday, 21 February 2026

February 21, 2026

Ambedkar Nagar में डीएम की सख्ती: अवैध अस्पतालों और फर्जी डॉक्टरों पर गिरेगी गाज

अंबेडकरनगर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे अवैध अस्पतालों, फर्जी मेडिकल स्टोर और अवैध जांच डायग्नोस्टिक सेंटरों पर अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। जिलाधिकारी के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत एक सप्ताह के भीतर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित करीब 100 बेड तक के संदिग्ध निजी अस्पतालों की गहन जांच होगी।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना मान्यता, बिना पंजीकरण और मानकों के विपरीत चल रहे अस्पतालों व जांच केंद्रों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। खासकर उन संस्थानों पर सख्त नजर रखी जा रही है, जहां फर्जी डॉक्टरों द्वारा मरीजों का इलाज किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, जनपद के सभी नौ ब्लॉकों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया जाएगा, ताकि कार्रवाई की भनक लगते ही कोई भी संचालक साक्ष्य मिटाने या ताला बंद कर भागने का मौका न पा सके। स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम इस अभियान को अंजाम देगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ केवल सीलिंग या जुर्माना ही नहीं, बल्कि कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। गंभीर मामलों में गुंडा एक्ट जैसी सख्त धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम जनता की जान से खेलने वालों को कड़ा संदेश मिल सके।

प्रशासन की इस सख्ती से अवैध रूप से संचालित मेडिकल कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं आम नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इस अभियान से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेंगी।

जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा प्रशासन का सख्त संदेश

February 21, 2026

अंबेडकरनगर मनरेगा में बड़ा खेल? बाहर कमाने वाले मजदूरों के नाम से गाँव में भर रही हाज़िरी!

अंबेडकरनगर जनपद के टांडा ब्लॉक में मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिन मजदूरों की प्रदेश के अन्य शहरों में नौकरी चल रही है और जो गांव में मौजूद ही नहीं हैं, उनके नाम से मनरेगा की हाज़िरी मास्टर रोल में दर्ज की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, संबंधित ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों के दौरान ऐसे कई नाम दर्ज किए गए हैं जो महीनों से बाहर काम कर रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि जब मजदूर गांव में उपस्थित ही नहीं हैं तो उनकी उपस्थिति किस आधार पर लगाई जा रही है? इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका गहरा रही है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ब्लॉक स्तर पर निगरानी व्यवस्था कमजोर है और एपीओ (सहायक कार्यक्रम अधिकारी) की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। यदि जांच निष्पक्ष रूप से कराई जाए तो बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।

मनरेगा जैसी योजना, जो गरीब और जरूरतमंद मजदूरों को रोजगार देने के लिए बनाई गई है, उसमें इस प्रकार की अनियमितता योजना की मंशा पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, संबंधित अधिकारियों व कर्मियों की जिम्मेदारी तय की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वाकई हकीकत सामने लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट- फैमी अब्बास

Wednesday, 18 February 2026

February 18, 2026

अम्बेडकरनगर बेला परसा में राशन का जादुई तराजू गरीबों की थाली हुई डाइट पर!

अम्बेडकरनगर बसखारी विकास खण्ड के ग्राम पंचायत बेला परसा में इन दिनों राशन की दुकान किसी कॉमेडी शो से कम नहीं चल रही फर्क बस इतना है कि हंसी जनता पर और फायदा किसी और का हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार की मशीन इतनी तेज है कि 5 किलो डालो तो 4 किलो मुस्कुरा कर बाहर आता है। यूनिट पूरी अंगूठा पूरा लेकिन अनाज आधा! लोग तंज कस रहे हैं यहां तराजू नहीं जादुई बॉक्स है गरीब का हक अंदर जाता है और डाइट प्लान बनकर बाहर आता है।
सबसे दिलचस्प बात यह कि कोटेदार के पास दो कोटे जॉइंट बताए जा रहे हैं। गांव में चर्चा है एक कोटे से कम दो दूसरे में जमा करो और सिस्टम को सलाम करो!
ग्रामीणों का गुस्सा साफ है। उनका कहना है कि अगर मशीन सही है तो खुली जांच कराई जाए   सार्वजनिक तौल हो ताकि दूध का दूध और राशन का राशन साफ हो जाए। आखिर गरीब की थाली कोई प्रयोगशाला नहीं है जहां हर महीने नया एक्सपेरिमेंट हो। अब सवाल प्रशासन से है क्या यह हल्की तौल का भारी खेल यूं ही चलता रहेगा या फिर कभी सच में तराजू बराबर होगा?
February 18, 2026

अम्बेडकरनगर बिना पंजीकरण चल रहे क्लीनिकों पर गिरी गाज, टांडा एसडीएम का सख्त एक्शन

 अम्बेडकरनगर जनपद के टांडा क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई क्लीनिकों पर सीलिंग की कार्रवाई की। टांडा एसडीएम डॉ. शशि शेखर के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई से बिना पंजीकरण संचालित मेडिकल स्टोर, पैथोलॉजी⁶ और अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया।

औचक निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर आवश्यक पंजीकरण, मानक उपकरण और वैध दस्तावेजों की कमी पाई गई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों को मौके पर ही सील कर दिया गया।

कार्रवाई के दौरान बसखारी सीएचसी अधीक्षक अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। वहीं, सुनील कुमार पांडे, थाना प्रभारी बसखारी, भी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

एसडीएम डॉ. शशि शेखर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि बिना पंजीकरण और अवैध तरीके से मेडिकल स्टोर, पैथोलॉजी व अस्पताल संचालित करने वालों की अब खैर नहीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासन की इस सख्ती को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है। आम नागरिकों ने इस कदम को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आएगी।

Tuesday, 17 February 2026

February 17, 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री की तबीयत खराब हॉस्पिटल में किया गया भर्ती


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है। इसके बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले दिन में भगवंत मान को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। वहां से वह मोगा की एक रैली में गए। रैली के बाद सांस लेने में दिक्कत के चलते उन्हें फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सोमवार की सुबह उनकी सेहत में सुधार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी थी। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद मुख्यमंत्री मोगा में सरकार की ओर से आयोजित युद्ध, नशे के विरुद्ध अभियान के दूसरे चरण को शुरू करने के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद उनकी सेहत दोबारा खराब होने पर उन्हें एक बार फिर मोहाली के फोर्टिस अस्पताल लाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनके सभी टेस्ट दोबारा से किए।

मोगा में जनसभा को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री शाम को दोबारा फोर्टिस अस्पताल पहुंच गए। जानकारी के मुताबिक, वह आज रात अस्पताल में ही रहेंगे और डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री की सेहत को लेकर समर्थकों में चिंता का माहौल है, जबकि डॉक्टरों की टीम उनकी नियमित मॉनिटरिंग कर रही है।

इस कार्यक्रम में लेना था हिस्सा

मुख्यमंत्री मान और केजरीवाल को 16 फरवरी को मोगा में चल रहे नशा-विरोधी अभियान के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेना था. पिछले वर्ष सितंबर में भी उन्हें थकान और हृदयगति कम होने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इससे पहले वह इसी अस्पताल में बैक्टीरिया संक्रमण के इलाज के लिए भी भर्ती हुए थे.