अम्बेडकरनगर बसखारी विकास खण्ड के ग्राम पंचायत बेला परसा में इन दिनों राशन की दुकान किसी कॉमेडी शो से कम नहीं चल रही फर्क बस इतना है कि हंसी जनता पर और फायदा किसी और का हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार की मशीन इतनी तेज है कि 5 किलो डालो तो 4 किलो मुस्कुरा कर बाहर आता है। यूनिट पूरी अंगूठा पूरा लेकिन अनाज आधा! लोग तंज कस रहे हैं यहां तराजू नहीं जादुई बॉक्स है गरीब का हक अंदर जाता है और डाइट प्लान बनकर बाहर आता है।
सबसे दिलचस्प बात यह कि कोटेदार के पास दो कोटे जॉइंट बताए जा रहे हैं। गांव में चर्चा है एक कोटे से कम दो दूसरे में जमा करो और सिस्टम को सलाम करो!
ग्रामीणों का गुस्सा साफ है। उनका कहना है कि अगर मशीन सही है तो खुली जांच कराई जाए सार्वजनिक तौल हो ताकि दूध का दूध और राशन का राशन साफ हो जाए। आखिर गरीब की थाली कोई प्रयोगशाला नहीं है जहां हर महीने नया एक्सपेरिमेंट हो। अब सवाल प्रशासन से है क्या यह हल्की तौल का भारी खेल यूं ही चलता रहेगा या फिर कभी सच में तराजू बराबर होगा?
