इन विषम परिस्थितियों के बावजूद उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से कल 14 सितम्बर को 27,407 मेगावाट विद्युत आपूर्ति कर देश में सर्वाधिक आपूर्ति का रिकॉर्ड बनाया। इस दौरान 25,694 मेगावाट के साथ महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर रहा। प्रदेश को सामान्य दिनों की तुलना में 1500 से 2000 मेगावाट कम बिजली मिल रही है, फिर भी दिन के समय 10 रुपये प्रति यूनिट तक की दर पर बिजली खरीद कर ग्रामीण, तहसील, नगर पंचायत और बुंदेलखंड सहित सभी क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर से अधिक आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पिछले वर्ष सितम्बर में प्रदेश में अधिकतम 30,625 मेगावाट आपूर्ति हुई थी, इस वर्ष भी मांग उसके आसपास है।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने आज शक्ति भवन में विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए, इसके लिए जहाँ से भी बिजली उपलब्ध हो ली जाए। उन्होंने बताया कि आगामी दो-तीन दिनों में अनपरा-डी, हरदुआगंज-ई तथा जवाहरपुर की बॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण बंद इकाइयों के चालू होने तथा अनपरा के कोयले को लैंको की ओर डायवर्ट करने और बारा में कोयला आपूर्ति में सुधार से लगभग 2200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी, जिससे रात्रि में 2000 से 3000 मेगावाट की हो रही सीमित कटौती भी समाप्त हो जाएगी। कोयला आपूर्ति सुधार के लिए कोयला मंत्रालय के उच्च प्रबंधन से भी अनुरोध किया गया है।
डॉ. गोयल ने आज से प्रारम्भ हो रहे अनुरक्षण माह की समीक्षा करते हुए कहा कि विद्युत आपूर्ति से संबंधित सभी अनुरक्षण कार्य मानक के अनुरूप बेहतर ढंग से कराए जाएं। सभी ट्रांसफार्मरों का आवश्यक अनुरक्षण सुनिश्चित हो तथा प्रत्येक सब-स्टेशन पर सीढ़ी आदि आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध रहे, इसके लिए धनराशि उपलब्ध है। स्कूलों की लाइनों की शिफ्टिंग व मरम्मत के कार्य समय से पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविदा कर्मियों की सुरक्षा में पूरी सावधानी बरती जाए और यदि कहीं दुर्घटना में अधिकारी की लापरवाही पायी गई तो एफआईआर के साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में विद्युत वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना के साथ परिणाम देने के निर्देश दिए गए। नगरीय, तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति, फीडर मीटरों के आंकड़ों तथा वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मानकों की जानकारी ली गई। अध्यक्ष ने कहा कि फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण करते हुए जहां भी कमियां सामने आएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें। अधिक लाइन हानि वाले फीडरों एवं क्षेत्रों में फीडरवार कार्य योजना बनाकर नियमित कार्रवाई की जाए।
वितरण निगमों में केंद्रीकृत सामग्री की निविदाओं, क्षतिग्रस्त वितरण परिवर्तकों की स्थिति तथा इनके लिए उत्तरदायी कार्मिकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली गई। 100 केवीए से कम क्षमता वाले वितरण परिवर्तकों पर फ्यूज सेट लगाने की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि राजस्व वृद्धि, लाइन हानियों में कमी, बेहतर बिलिंग, स्मार्ट मीटर की प्रभावी मॉनिटरिंग और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लक्ष्य तभी पूरे होंगे जब प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
बैठक में निर्देशित किया गया कि बकायेदारों से बिल जमा कराने के लिए तकादा अभियान और तेज किया जाए। नए कनेक्शन आर्मर्ड केबिल के माध्यम से ही दिए जाएं। अध्यक्ष ने यह भी निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में दिन के समय शट-डाउन से बचा जाए समीक्षा बैठक में पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
