कागजों पर पूरा दिखाया काम, आरटीआई से खुली घोटाले की पोल:शिकायतकर्ता एडवोकेट अजय द्विवेदी का आरोप है कि विभाग में साल 2016 से लगातार सरकारी धन का दुरुपयोग और फर्जी भुगतान किया जा रहा था. शिकायत के अनुसार कई ऐसे प्रोजेक्ट्स का बजट मंजूर किया गया, जिनका ज़मीन पर कोई काम हुआ ही नहीं था. लेकिन अधिकारियों और ठेकेदार ने कागजों में काम पूरा दिखाकर पूरा भुगतान हड़प लिया. एडवोकेट अजय द्विवेदी ने आरटीआई के ज़रिए दस्तावेज़ जुटाकर इस पूरे खेल का खुलासा किया है.
करोड़ों रुपये की हेराफेरी की आशंका, जांच के दायरे में कई अधिकारी:शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि फर्जी रजिस्ट्रेशन और कागजी हेरफेर के ज़रिए लाखों रुपये का घोटाला किया गया, जो जांच आगे बढ़ने पर करोड़ों तक पहुंच सकता है. पुलिस अब यह खंगाल रही है कि 2016 से लेकर अब तक कौन-कौन से अधिकारी और कर्मचारी इस पद पर तैनात रहे हैं. इसके साथ ही किन-किन कामों के नाम पर बजट जारी हुआ और किनकी संलिप्तता थी, इसकी भी जांच हो रही है.
अधीक्षण अभियंता बोले- जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई:इटावा के अधीक्षण अभियंता ऋषभ देव ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और पुलिस जांच जारी है. उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर नियमानुसार और कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे. अब हर किसी की नज़र पुलिस की जांच पर टिकी है कि इस हेराफेरी में और कितने बड़े चेहरे बेनकाब होते हैं.
(रिपोर्ट अमन हसन)
