आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र के चकमाली गांव में बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से 72 वर्षीय सुरेंद्र प्रताप सिंह की मौत के बाद बिजली विभाग हरकत में आया। गुरुवार देर रात विभाग के कर्मचारी खंभा हटाने पहुंचे। खास बात यह रही कि घटना के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। लाइनमैन और संविदा कर्मचारियों के भरोसे ही खंभे को घर से बाहर शिफ्ट करने का काम किया गया।
परिजनों का आरोप है कि खंभा घर के पास होने और उसमें करंट उतरने की शिकायत बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार की गई थी। शिकायती पत्र देकर खंभा हटाने की मांग भी की गई थी। इसके बावजूद विभाग ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। चकमाली गांव निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह मंगलवार को घर के पास कुछ काम कर रहे थे। इसी दौरान वह बिजली के खंभे की चपेट में आ गए। खंभे में करंट उतरने से उन्हें तेज झटका लगा और वह मौके पर गिर गए।
परिजन उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजन बोले- शिकायत पर कार्रवाई होती तो नहीं जाती जान
परिजनों का कहना है कि बिजली के खंभे को हटाने के लिए विभाग को कई बार शिकायत दी गई थी। अगर शिकायतों का समय रहते संज्ञान लिया जाता तो सुरेंद्र प्रताप सिंह की जान बच सकती थी। अब परिजन बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
