Wednesday, 18 February 2026
अम्बेडकरनगर बिना पंजीकरण चल रहे क्लीनिकों पर गिरी गाज, टांडा एसडीएम का सख्त एक्शन
अम्बेडकरनगर जनपद के टांडा क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई क्लीनिकों पर सीलिंग की कार्रवाई की। टांडा एसडीएम डॉ. शशि शेखर के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई से बिना पंजीकरण संचालित मेडिकल स्टोर, पैथोलॉजी⁶ और अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया।
औचक निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर आवश्यक पंजीकरण, मानक उपकरण और वैध दस्तावेजों की कमी पाई गई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों को मौके पर ही सील कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान बसखारी सीएचसी अधीक्षक अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। वहीं, सुनील कुमार पांडे, थाना प्रभारी बसखारी, भी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
एसडीएम डॉ. शशि शेखर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि बिना पंजीकरण और अवैध तरीके से मेडिकल स्टोर, पैथोलॉजी व अस्पताल संचालित करने वालों की अब खैर नहीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन की इस सख्ती को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है। आम नागरिकों ने इस कदम को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आएगी।
Tuesday, 17 February 2026
पंजाब के मुख्यमंत्री की तबीयत खराब हॉस्पिटल में किया गया भर्ती
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है। इसके बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले दिन में भगवंत मान को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। वहां से वह मोगा की एक रैली में गए। रैली के बाद सांस लेने में दिक्कत के चलते उन्हें फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सोमवार की सुबह उनकी सेहत में सुधार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी थी। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद मुख्यमंत्री मोगा में सरकार की ओर से आयोजित युद्ध, नशे के विरुद्ध अभियान के दूसरे चरण को शुरू करने के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद उनकी सेहत दोबारा खराब होने पर उन्हें एक बार फिर मोहाली के फोर्टिस अस्पताल लाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनके सभी टेस्ट दोबारा से किए।
मोगा में जनसभा को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री शाम को दोबारा फोर्टिस अस्पताल पहुंच गए। जानकारी के मुताबिक, वह आज रात अस्पताल में ही रहेंगे और डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री की सेहत को लेकर समर्थकों में चिंता का माहौल है, जबकि डॉक्टरों की टीम उनकी नियमित मॉनिटरिंग कर रही है।
इस कार्यक्रम में लेना था हिस्सा
मुख्यमंत्री मान और केजरीवाल को 16 फरवरी को मोगा में चल रहे नशा-विरोधी अभियान के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेना था. पिछले वर्ष सितंबर में भी उन्हें थकान और हृदयगति कम होने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इससे पहले वह इसी अस्पताल में बैक्टीरिया संक्रमण के इलाज के लिए भी भर्ती हुए थे.
लखनऊ ईमेल अयोध्या सहित 18 जिलों की कचहरियों को जरिए बम धमाके की धमकी मिली.
उत्तर प्रदेश के लखनऊ और अयोध्या सहित 18 जिलों की कचहरियों को सोमवार को एक बार फिर ईमेल के जरिए बम धमाके की धमकी मिली. अज्ञात व्यक्ति ने सुबह 11:15 बजे और फिर 12:15 बजे विस्फोट करने की चेतावनी दी, जिससे कोर्ट परिसरों में हड़कंप मच गया.
मौके पर पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम पहुँच गई हैं और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. बम स्क्वॉयड टीम पूरे परिसर की जांच कर रही है.
अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी लखनऊ, मेरठ, अयोध्या, वाराणसी, आजमगढ़, अमरोहा समेत 18 जिला अदालतों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. ईमेल में दोपहर 12:15 बजे जिला अदालतों में विस्फोट करने की बात कही गई है.
राजधानी में कचहरी की सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रवेश व निकास के गेट पर सुरक्षाकर्मी बढ़ा दिए गए। छानबीन के दौरान कोई भी विस्फोटक नहीं मिला। अधिवक्ता व न्यायाधीश रोज की तरह अपना कार्य करते रहे। कचहरी काम प्रभावित नहीं हुआ। ईमेल में नीचे एलटीटीई और पाकिस्तानी आईएसआई का जिक्र भी किया गया था।
तमिलनाडु से कनेक्शन और ATS की जांच
प्रारंभिक जांच में सूत्रों के हवाले से खबर है कि यह धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु से भेजा गया था, जिसमें महाराष्ट्र का भी जिक्र किया गया है. चूंकि यह मामला सीधे तौर पर सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए शासन ने इसकी पूरी जांच यूपी एटीएस को सौंप दी है
इसके बाद अधिवक्ताओं को कचहरी खाली करने के लिए कहा गया। कचहरी से न्यायाधीश भी बाहर निकल गए। काफी देर तक छानबीन के बाद पता चला कि किसी ने शरारत की है। इसकी वजह से कोर्ट का काम भी प्रभावित हुआ।
Saturday, 14 February 2026
रूस ने अपने देश में सोशल मीडिया ऐप्स समेत मीडिया वेबसाइट पर लगाया। प्रतिबंध जानिए क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, इससे पूर्व रूस में कुछ प्लेटफॉर्म की स्पीड धीमी कर दी जाती थी, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। मौजूदा कदम के तहत ये वेबसाइटें पूरी तरह “गायब” हो गई हैं। जब कोई यूजर इन साइट्स को खोलने की कोशिश करता है तो सिस्टम संबंधित IP एड्रेस खोज नहीं पाता। नतीजतन स्क्रीन पर एरर मैसेज दिखाई देता है कि ऐसा डोमेन मौजूद ही नहीं है।
वॉट्सऐप कॉलिंंग फीचर पर पहले से बैन
बता दें कि रूस में पहले से ही वॉट्सऐप की कई सर्विस पर बैन लगा हुआ है। पिछले साल WhatsApp और Telegram की कॉलिंग फीचर पर रोक लगा दी गई थी। इसके अलावा, रूस ने दिसंबर में ऐपल के फेसटाइम और स्नैपचैट को भी देश में बैन कर दिया था।
अमेरिका की बढ़ेगी टेंशन
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रूस के संचार विभाग ने WhatsApp को अपनी आधिकारिक डायरेक्टरी से भी हटा दिया है. रूस में WhatsApp के करीब 10 करोड़ यूजर्स हैं. इससे पहले रूस ने अमेरिका की कंपनी एप्पल के FaceTime और अमेरिका का ही ऐप Snapchat को ब्लॉक कर चुका है. रूस का आरोप है कि ये विदेशी कंपनियां जांच एजेंसियों के साथ डेटा शेयर नहीं करती हैं. रूस सरकार एक के बाद एक अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए रूस का दरवाजा बंद कर रही है, इससे न सिर्फ इन कंपनियों को नुकसान होगा बल्कि पुतिन सरकार का यह कदम अमेरिका के लिए भी टेंशन बढ़ाने वाला होगा।
विदेशी सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से रूसी लोगों को दूर करने के लिए रूस ने एक बड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पूरी तरह बैन कर दिए हैं। रूस की पुतिन सरकार ने अमेरिकी कंपनी Meta के पॉपुलर मैसेजिंग और वीडियो प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम के साथ-साथ व्हाट्सएप पर भी रोक लगा दी है। इसके अलावा देश में टेलीग्राम, यूट्यूब और स्नैपचैट भी प्रतिबंधित है।
मीडिया वेबसाइट्स भी प्रभावित
रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ही नहीं बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की वेबसाइट्स भी प्रभावित हुई हैं। इनमें बीबीसी, डॉउचा वेले, रेडियो फ्री यूरोप रेडियो लिबर्टी जैसी साइट्स शामिल हैं। इसके अलावा गुमनाम ब्राउजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला टॉर ब्राउजर (Tor Browser) भी ब्लॉक कर दिया गया है।
उत्तर कोरिया के तानाशाह की बेटी बन सकती है किम जोंग की उत्तराधिकारी।
उत्तर कोरिया के तानाशह किम जोंग उन अपनी बेटी किम जू ऐ को उत्तराधिकारी के रूप में नामित करने की प्रक्रिया में बहुत आगे बढ़ चुका है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने गुरुवार को संसद की एक बंद कमरे की ब्रीफिंग में इस बात की जानकारी दी है।
क्या है दावे का आधार?
बता दें कि किम जोंग की बेटी किम जू ऐ के बारे में सार्वजनिक तौर पर काफी कम जानकारी उपलब्ध है। हालांकि, उन्हें किम जोंग की बीजिंग यात्रा समेत विभिन्न मौकों पर पिता के साथ में देखा गया है। ये किम जू ऐ की पहली ज्ञात विदेश यात्रा थी।
किम परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी
जू-ऐ के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है। उनके बारे में माना जाता है कि वह 13 साल की हैं। वह नवंबर 2022 में एक मिसाइल टेस्ट में पहली बार पब्लिक में अपने पिता के साथ दिखी थी। इसके बाद से वह लगातार अपने पिता के साथ देखी गई हैं। इसमें हथियारों के टेस्ट और मिलिट्री परेड शामिल हैं।
किम जू को उत्तराधिकारी मानने का तर्क क्या?
NIS ने यह आकलन कई आधारों पर किया है. इसमें उनकी बढ़ती सार्वजनिक मौजूदगी, सैन्य कार्यक्रमों में हिस्सा, कुमसुसन पैलेस दौरा और कुछ नीतियों पर उनकी राय शामिल है. NIS अब बारीकी से देख रही है कि क्या किम जू ए आगामी वर्कर्स पार्टी कांग्रेस में पिता के साथ दिखती हैं, वहां उन्हें कोई आधिकारिक पद मिलता है या नहीं. अगर ऐसा हुआ तो उत्तराधिकार की अटकलें और मजबूत होंगी.
नॉर्थ कोरिया में इस महीने होगी अहम राजनीतिक बैठक
इस महीने होने वाली एक बड़ी राजनीतिक बैठक से पहले जारी तस्वीरों ने भी इस सोच को और पक्का कर दिया था. जनवरी में सरकारी मीडिया ने दिखाया कि जु ऐ अपने पिता के साथ कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन में श्रद्धांजलि देने गई थीं. यहीं नॉर्थ कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग और दूसरे नेता किम जोंग इल के शव रखे गए हैं.
यह चयन नॉर्थ कोरिया के इतिहास में अनोखा है क्योंकि वहां हमेशा पुरुष उत्तराधिकारी चुने जाते रहे हैं. वहीं, लोगों की नजरें अब इस महीने के अंत में होने वाले नॉर्थ कोरिया के पार्टी कांग्रेस पर होंगी क्योंकि ये देखना अहम होगा कि हर पांच साल में आयोजित होने वाले सबसे बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में Kim Ju Ae हिस्सा लेती हैं या नहीं.
Sunday, 8 February 2026
हरियाणा सूरजकुंड मेले में बड़ा हादसा इंस्पेक्टर समेत दो की मौत 14 घायल टूटा झूला राहत बचाव में प्रशासन तैनात
हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे सूरजकुंड मेले में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया. बताया जा रहा है कि मेले में लगा एक झूला टूटकर गिर गया, जिससे कई लोग घायल हो गए हैं. हादसे के वक्त झूले पर कई लोग सवार थे. सूरजकुंड मेले में यह दूसरा बड़ा हादसा है. इससे पहले गेट गिरने से दो लोग घायल हो गए थे.
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर उन्होंने लिखा, "फरीदाबाद में आयोजित सूरजकुंड मेले के दौरान हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूं। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। साथ ही, घायल हुए लोगों के समुचित एवं तत्काल उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मेला छोड़कर लोग रवाना हुए अपने घर
इस बड़े हादसे के बाद मची अफरातफरी को देखते हुए सूरजकुंड मेले में शाम का मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम रद करना पड़ा। मेला परिसर में बनाए गए मुख्य चौपाल के मंच पर गायक नवीन पूनिया और स्टैंड अप कॉमेडियन अमित टंडन की प्रस्तुति होने वाली थी। वहीं, सप्ताहांत को देखते हुए मेले का लुत्फ लेने पहुंचे लोग भी अपने घर रवाना होने लगे।
डीसी ने क्या कहा ? :सूरजकुंड में हुए हादसे को लेकर डीसी आयुष सिंह ने कहा है कि "पलवल में तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की हादसे में मौत हो गई है. कुल 13 लोग घायल हुए जिसमें इंस्पेक्टर की मौत इलाज के दौरान हुई है. शाम करीब 6.15 बजे ये हादसा हुआ है. हादसे के लिए जांच कमेटी बना दी गई है जो पूरे हादसे की जांच करेगी."
कब तक चलेगा सूरजकुंड मेला ?
इससे पहले बीते शनिवार को उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले का भव्य उद्घाटन किया था। यह मेला 31 जनवरी से शुरू हुआ है जो कि 15 फरवरी तक चलेगा। इसमें भारत और 50 से अधिक देशों के शिल्पकार, कारीगर और कलाकार भाग ले रहे हैं।
प्रशासन द्वारा किए जा रहे बचाव के प्रयास
हादसे के बाद प्रशासन की तरफ से कई टीमें बचाव अभियान में जुट गई हैं. झूले के नीचे दबे लोगों को तुरंत बचाने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही पुलिस द्वारा लोगों को मौके से दूर हटने के निर्देश दिए गए हैं.!






